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उत्तराखंड: पहाड़ में आग बुझाने के चक्कर में गई नव विवाहिता की जिंदगी परिजनों में मचा कोहराम
सांकेतिक फोटो

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उत्तराखण्ड टिहरी गढ़वाल

उत्तराखंड: पहाड़ में आग बुझाने के चक्कर में गई नव विवाहिता की जिंदगी परिजनों में मचा कोहराम

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Devprayag News Hindi: जंगल की आग बनी नव विवाहिता का काल, उपचार के लिए चार एंबुलेंस बदली लेकिन एम्स पहुंचने से पहले तोड़ा दम, परिजनों में मचा कोहराम……..

Devprayag News Hindi: उत्तराखंड मे आग से धधक रहे जंगल प्रतिदिन लोगों का काल बनते जा रहे है। जो भी जंगल की भीषण आग को बुझाने का प्रयास कर रहा है उसे आग की भयानक लपटों का शिकार होना पड़ रहा है। ऐसी ही कुछ दिल दहला देने वाली खबर टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र की क्वीली पालकोट पट्टी के गोदाण गाँव से सामने आ रही है जहाँ पर जंगल की आग बुझाने गई एक नव विवाहिता आग मे झुलस गई जिसके चलते उसकी जिंदगी चली गई।

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Uttarakhand Forest fire: प्राप्त जानकारी के अनुसार टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र की क्वीली पालकोट पट्टी की रहने वाली 21 वर्षीय नव विवाहिता पूजा पत्नी अरविंद सिंह बीते रविवार की शाम चार बजे जंगल की आग बुझाने गई थी इस दौरान वह आग मे झुलस गई। जिसके चलते आनन- फानन मे परिजन पूजा को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी बागी ले गए जहां पर पूजा का प्राथमिक उपचार करने के दौरान उसे ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन जिस अस्पताल की एंबुलेंस से उसे ले जाया जा रहा था वह शिवमूर्ति के पास ही खराब हो गई। इस दौरान दूसरी 108 एंबुलेंस सेवा भेजी गई जो साकनीधार मे खराब हो गई। इसके बाद पौड़ी क्षेत्र की ऋषिकेश से श्रीनगर की ओर आ रही 108 एंबुलेंस ने पूजा को साकनीधार से कौड़ियाला तक पहुंचा। जिसके चलते शिवपुरी से चौथी एम्बुलेंस कोडियाला तक पहुंची तब जाकर इसके जरिए पूजा को एम्स पहुंचाया गया लेकिन एम्स पहुंचते ही डॉक्टर ने पूजा को मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

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दरअसल बगसारी के उपप्रधान मनोहर व पूजा के मायके कुर्न गांव की प्रधान पुष्पा रावत ने कहा कि पूजा को एम्स ले जाने के लिए चार एंबुलेंस का सहारा लिया गया यदि एक ही एंबुलेंस समय पर उसे एम्स पहुंचा देती तो उसकी जान बच सकती थी। पूछताछ में पता चला है कि विवाहित पूजा के अपनी ननद के साथ आग बुझाने के दौरान यह हादसा हुआ है लेकिन आग जंगल की ओर से नहीं लगी थी इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर टिहरी गढ़वाल के सीएमओ डॉक्टर मनु जैन ने बताया कि चार एंबुलेंस बदले जाने और महिला के आग में जलने की घटना संज्ञान में नहीं है। एंबुलेंस को ज्यादा दूरी तय ना करनी पड़े इसके लिए छोटे-छोटे स्पॉट निर्धारित किए गए हैं इन स्पॉट से दूसरी एंबुलेंस मरीज को पिकअप कर दूसरे स्पॉट तक पहुंचती है अगर एक एंबुलेंस लंबी दूरी तय करेगी तो क्षेत्र में एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर इस सेवा का लाभ लोगों को समय पर नहीं मिल पाएगा।

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