उत्तराखण्ड देहरादून
देहरादून के अंकित भारती ने रचा इतिहास बने 6 दिन में 2 दुर्गम चोटियों को फतह करने वाले पहले पर्वतारोही
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Ankit bharti Dehradun :* अंकित भारती ने लद्दाख क्षेत्र की मारखा घाटी में स्थित कांग्यात्से पर तिरंगा लहराकर रचा नया कीर्तिमान…..
Ankit bharti Dehradun: उत्तराखंड के होनहार युवा आज शिक्षा के क्षेत्र से लेकर खेलकूद के क्षेत्र समेत अन्य सभी क्षेत्रों में भी अपना विशेष योगदान दे रहे हैं। जो बेहद सराहनीय और प्रशंसा के काबिल है। इसके साथ ही प्रदेश के युवा अपनी मेहनत और समर्पण के बलबूते पर दुनिया की विशेष व सबसे दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच रहे हैं जो पूरे प्रदेश के लिए बेहद गर्व की बात है। हम आए दिन आपको ऐसे ही होनहार युवाओं से रूबरू करवाते रहते हैं जो किसी विशेष उपलब्धि को हासिल करते हैं। आज हम आपको देहरादून के अंकित भारती से रूबरू करवाने वाले हैं जिन्होंने विषम परिस्थितियों के बावजूद लद्दाख क्षेत्र के मारखा घाटी में स्थित कांग्यात्से-1 और कांग्यात्से-2 चोटियों को फतेह कर इतिहास रचा है।
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Ankit Bharti uttarakhand बता दें देहरादून के क्लीमेनटाउन निवासी अंकित भारती ने लद्दाख क्षेत्र के मारखा घाटी में स्थित कांग्यात्से-1 और कांग्यात्से-2 दुर्गम चोटियों को फतेह कर नया कीर्तिमान रच दिया है। दरअसल प्रतिकूल मौसम के बावजूद अंकित ने 6400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कांग्यात्से-1 और 6250 मीटर पर स्थित कांग्यात्से-2 में चढ़कर तिरंगा लहराया। अंकित 6 दिन मे दोनों दुर्गम चोटियों को फतेह करने वाले पहले पर्वतारोही बन गए हैं। अंकित ने इस विशेष उपलब्धि को प्राप्त कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। बताते चलें अंकित भारती ने वर्ष 2019 में माउंटेनियरिंग कोर्स किया और 2021 में उन्होंने नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से एडवांस माउंट ट्रेनिंग कोर्स ए ग्रेड के साथ पूरा किया है। इतना ही नही बल्कि वर्ष 2024 में उन्होंने सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स का प्रशिक्षण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से लिया है। इससे पहले अंकित ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची व दुर्गम चोटी माउंट क्लिमिंजरो पर चढ़कर राष्ट्रध्वज लहराया था।
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