Highlights देवभूमि दर्शन
Hantavirus alert: घर में दौड़ते हैं चूहे तो हो जाए सावधान हंता वायरस ने बढ़ाई चिंता
1 min read
Hantavirus alert: हंतावायरस को लेकर बढ़ी चिंता, चूहों से फैलने वाला संक्रमण बना खतरा; घर में हैं चूहे तो हो जाएं सतर्क Hantavirus Alert
Hantavirus alert: If rats are running around your house, be careful as the Hanta virus case india symptoms outbreak breaking news today: अगर आपके घर या दुकान में भी दौड़ते हैं चूहे तो हो जाए सावधान। दरअसल इन दिनों हंतावायरस संक्रमण दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप एमवी होंडियस पर संक्रमण फैलने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। इस संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री बीमार बताए जा रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने और चूहों से फैलने वाले संक्रमण के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
यह भी पढ़े :Uttarakhand teacher vacancy: उत्तराखण्ड शिक्षा व्यवस्था का हाल प्रवक्ता के 4745 पद खाली
जहाज से उतरे यात्रियों की तलाश में जुटे स्वास्थ्य अधिकारी (Hantavirus Outbreak)
जानकारी के मुताबिक क्रूज शिप पर करीब 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। 24 अप्रैल को दर्जनों लोग सेंट हेलेना द्वीप पर उतर गए थे। अब स्वास्थ्य अधिकारी उन लोगों का पता लगाने में जुटे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। विशेषज्ञों को आशंका है कि यह वायरस दूसरे देशों तक भी पहुंच सकता है, जिसके चलते निगरानी बढ़ा दी गई है।
क्या घर के चूहे भी बन सकते हैं खतरा? (Rat Virus Infection health news today)
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस कोई नया संक्रमण नहीं है। यह मुख्य रूप से चूहों और गिलहरियों जैसे जानवरों के जरिए फैलता है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या घरों में मौजूद चूहे भी इस वायरस का कारण बन सकते हैं? विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब हां है। संक्रमित चूहों के मल, पेशाब और लार के संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकते हैं।
पालतू चूहों से भी फैल चुके हैं संक्रमण के मामले (Pet Rats Infection Hantavirus case today)
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पहले भी पालतू चूहों से हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। साल 2012 के बाद यूके में सियोल स्ट्रेन के कुल 11 मामले दर्ज किए गए, जिनमें नौ मामलों का संबंध पालतू चूहों से पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल जंगली चूहे ही नहीं, बल्कि संक्रमित पालतू जानवर भी वायरस के वाहक बन सकते हैं।
यह भी पढ़े :Uttarakhand news: पिता की पुलिस वर्दी दिखाकर झाड़ा रौब, मसूरी में नशे में धुत युवक गिरफ्तार
बंद कमरों और गंदगी वाले इलाकों में बढ़ता है खतरा (Health Risk rat hanta virus update)
विशेषज्ञों के मुताबिक स्टोर रूम, गोदाम, पुराने फर्नीचर, बंद कमरे और लंबे समय तक साफ न किए गए कोनों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। जब ऐसी जगहों की सफाई की जाती है तो चूहों के मल-मूत्र से जुड़े वायरस के सूक्ष्म कण हवा में फैल जाते हैं और सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
अलग-अलग देशों में वायरस के अलग स्ट्रेन (Seoul Virus)
विशेषज्ञ बताते हैं कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हंतावायरस के अलग स्ट्रेन पाए जाते हैं। यूके में सियोल वायरस अधिक देखा गया है, जो फेफड़ों की तुलना में किडनी पर ज्यादा असर डालता है। वहीं अमेरिका में पाए जाने वाले ‘न्यू वर्ल्ड’ स्ट्रेन को ज्यादा खतरनाक माना जाता है। एमवी होंडियस शिप पर मिले संक्रमण में एंडीज स्ट्रेन की पुष्टि हुई है, जो खास प्रकार के चूहों में पाया जाता है।
इंसान से इंसान में फैल सकता है एंडीज स्ट्रेन (Andes Virus helath insurance policy)
विशेषज्ञों के अनुसार हंतावायरस के ज्यादातर प्रकार सीधे इंसानों के बीच नहीं फैलते, लेकिन एंडीज स्ट्रेन ऐसा वायरस है जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि इस स्ट्रेन को लेकर स्वास्थ्य एजेंसियां ज्यादा सतर्क हैं।
यह भी पढ़े :Uttarakhand news hindi: उत्तराखण्ड में अब स्ट्रीट लाइटों का बिल भी देंगे उपभोक्ता बढ़ेगा सरचार्ज
सफाई करते समय बरतें विशेष सावधानी (hanta virus Safety Tips)
साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. माइकल हेड का कहना है कि चूहे वाली जगहों की सफाई करते समय विशेष सावधानी जरूरी है। सफाई से पहले पानी का छिड़काव करना चाहिए ताकि वायरस के कण हवा में न फैलें। साथ ही मास्क, दस्ताने और गॉगल्स जैसे सुरक्षात्मक उपकरणों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी माना गया है।
शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे, लेकिन खतरा गंभीर (Hantavirus Health News)
हंतावायरस संक्रमण की शुरुआत सामान्य फ्लू जैसे लक्षणों से हो सकती है। संक्रमित व्यक्ति को बुखार, बदन दर्द, थकान और सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है। गंभीर मामलों में यह संक्रमण फेफड़ों और श्वसन तंत्र को तेजी से प्रभावित कर सकता है, जिससे स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह (Public Health)
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घरों और दुकानों में चूहों की मौजूदगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जहां लंबे समय तक सफाई नहीं होती वहां संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अगर घर में चूहों के निशान दिखाई दें तो तुरंत सफाई करें और बिना सुरक्षा उपकरणों के संक्रमित जगहों को छूने से बचें। थोड़ी सी सतर्कता इस गंभीर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
यह भी पढ़े :PM MODI Petrol diesel price: पीएम बोले पेट्रोल डीजल करें कम यूज सोना ना खरीदें बरतें संयम
अस्वीकरण (Medical Disclaimer)
यह समाचार विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल लोगों को जागरूक करना है। किसी भी प्रकार के लक्षण या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
