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Prahlad Joshi Education minister: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर प्रह्लाद जोशी बने शिक्षा मंत्री
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Education minister india Prahlad Joshi BJP Dharmendra Pradhan resignation धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
Prahlad Joshi Education Minister : Dharmendra Pradhan resignation; Prahlad Joshi becomes Education Minister. Breaking News Today: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर मंजूर कर लिया है। प्रधान के पद छोड़ने के बाद अब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी देखेंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने इससे पहले शनिवार को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही शिक्षा मंत्रालय की नई अंतरिम व्यवस्था भी स्पष्ट हो गई है।
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प्रह्लाद जोशी के पास होगी अतिरिक्त जिम्मेदारी (Prahlad Joshi Education Ministry)
प्रह्लाद जोशी वर्तमान में केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। जोशी कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वह International Solar Alliance के अध्यक्ष भी हैं। शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद वह अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ इस महत्वपूर्ण विभाग का कामकाज भी संभालेंगे।
NEET-UG विवाद के बीच प्रधान ने दिया इस्तीफा (Prahlad Joshi minister NEET-UG Controversy)
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया, जब NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ रही थी। प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।उन्होंने अपने संदेश में बताया कि वह चार दशक से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार से जुड़े विषयों के प्रति समर्पित रहे हैं। प्रधान ने कहा कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
NEET परीक्षा को लेकर प्रधान ने क्या कहा? (Neet Exam Reform)
अपने बयान में धर्मेंद्र प्रधान ने 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी। प्रधान के अनुसार, परीक्षा रद्द किए जाने के बाद दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित की गई। साथ ही अगले वर्ष से NEET-UG को Computer Based Test (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सरकार के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित कराना था। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ जिला प्रशासन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छात्रों, अभिभावकों और माता-पिता के सहयोग से 21 जून को परीक्षा पूरी कराई गई।
चार दशक से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े होने का किया जिक्र (india Education policy Reforms)
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनुभवों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों के प्रति प्रतिबद्ध रहे हैं। उनके मुताबिक, देश के युवाओं की उम्मीदों और उनकी उचित मांगों का सम्मान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए अपने कार्यकाल के दौरान किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।
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अब शिक्षा मंत्रालय की कमान जोशी के हाथ (Pralhad Joshi center education minister)
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि शिक्षा मंत्रालय का कामकाज अब कौन संभालेगा। केंद्र सरकार ने फिलहाल इस जिम्मेदारी के लिए प्रह्लाद जोशी को चुना है।राष्ट्रपति द्वारा प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने और जोशी को अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने के साथ ही मंत्रालय के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने की व्यवस्था कर दी गई है। अब प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। शिक्षा मंत्रालय में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब देश की परीक्षा व्यवस्था, NEET-UG और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्रों की चिंताएं चर्चा के केंद्र में हैं। ऐसे में प्रह्लाद जोशी के सामने शिक्षा मंत्रालय के कामकाज को आगे बढ़ाने के साथ परीक्षा प्रणाली को लेकर विद्यार्थियों के भरोसे को मजबूत करने की चुनौती भी महत्वपूर्ण रहेगी।
कर्नाटक निवासी हैं प्रह्लाद जोशी-
प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और अनुभवी सांसद हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा (तत्कालीन बीजापुर) में हुआ था। वे वर्ष 2004 से लगातार कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकसभा के सदस्य हैं। वर्ष 2014 से 2016 तक उन्होंने भाजपा कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा वे 2014 से 2018 तक लोकसभा अध्यक्षों के पैनल के सदस्य भी रहे। 30 मई 2019 से वे केंद्र सरकार में संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
