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चमोली: पंचतत्व में विलीन हुए दिवंगत सुरेन्द्र सिंह नेगी, सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि

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Surendra singh Negi: पंचतत्व में विलीन हुए दिवंगत सुरेन्द्र सिंह नेगी, नंदप्रयाग संगम पर सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार..

जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान दिवंगत होने वाले सुरेन्द्र सिंह नेगी (Surendra singh Negi) पंचतत्व में विलीन हो गए। बता दें कि बीते मंगलवार को जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा परिजन बिलख पड़े। परिजनों को बिलखता देख वहां भारी संख्या में मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई। ग्रामीणों ने मृतक जवान के परिजनों को सांत्वना देने की भरसक कोशिश की परंतु इस गमहीन माहौल को देखकर वे खुद अपनी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए। शहीद जवान की अंतिम यात्रा में उमड़े विशाल जनसमूह ने मां भारती के इस वीर सपूत को भावभीनी विदाई दी। जिसके बाद मृतक जवान सुरेन्द्र का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ नंदप्रयाग संगम पर किया गया। जहां मृतक जवान के बड़े भाई ने सुरेन्द्र की चिता को मुखाग्नि दी। बताते चलें कि इससे पहले बीते मंगलवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर देहरादून के कैंट रोड स्थित सेना परिसर में लाया गया जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद जवान के पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाया गया।

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दिवंगत सुरेन्द्र म‌ई में आए थे देहरादून, चार दिन पहले पिता से अंतिम बार की थी फोन पर बात:-

गौरतलब है कि राज्य के चमोली जिले के के सुनाली गांव निवासी सुरेंद्र सिंह नेगी (Surendra singh Negi) भारतीय सेना की आठवीं गढ़वाल राइफल में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में थी जहां बीते रविवार को प्रेट्रोलिंग के बाद दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। बता दें कि है कि मृतक जवान सुरेन्द्र बीते म‌ई माह में देहरादून आए थे। जहां वे 13 म‌ई को अपने परिजनों के साथ नवनिर्मित भवन के गृहप्रवेश में शामिल भी हुए थे। जिसके बाद 28 मई को वह छुट्टियां खत्म होने पर पुंछ में ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए चले गए थे। छुट्टियों के एक माह के भीतर ही उनकी निधन की खबर से जहां सुरेन्द्र की मां कबूतरी देवी व पिता गोविंद सिंह बेसुध है वहीं उनकी पत्नी अंजू का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक जवान ने चार दिन पहले ही फोन पर अपने पिता से बात की थी।

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