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Uttarakhand News: inspiring story of Niharika Tomar from Pauri Garhwal Dehradun, secured the 121st rank in UPSC Result 2020.

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उत्तराखंड: निहारिका का IAS बनने का सपना हुआ पूरा, प्रेरणादायक है UPSC में सफल होने की कहानी

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Uttarakhand: प्रेरणादायक है यूपीएससी (UPSC Result 2020) में 121वीं रैंक हासिल करने वाली निहारिका की कहानी, चौथे प्रयास में हासिल किया मुकाम

यूपीएससी द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2020 के परिणामों (UPSC Result 2020) में राज्य (Uttarakhand) के युवाओं ने भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। वैसे तो राज्य के कई युवाओं ने इस परीक्षा में सफलता हासिल की है परन्तु आज हम आपको राज्य की जिस होनहार बेटी से रूबरू कराने जा रहे हैं उसके संघर्षों से हमें असफलताओं से हार न मानने की सीख भी मिलती है। जी हां.. हम बात कर रहे हैं मूल रूप से राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले की रहने वाली निहारिका तोमर की, जिसने भारतीय सिविल सर्विसेज परीक्षा में 121वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने बचपन का सपना साकार किया है बल्कि माता-पिता और क्षेत्र के साथ ही समूचे प्रदेश का मान भी बढ़ाया है। सबसे खास बात तो यह है तीन बार असफल होने के बावजूद निहारिका ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियों को जारी रखा और अपने दृढ़ निश्चय के साथ ही कड़ी मेहनत और लगन के बलबूते चौथे प्रयास में यह अभूतपूर्व सफलता अर्जित की। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं पूरे क्षेत्र में भी खुशी की लहर है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के द्वारीखाल के ग्राम जवाड़ की रहने वाली निहारिका ने यूपीएससी द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2020 के परिणामों में समूचे देश में 121वीं रैंक हासिल की है। बता दें कि वर्तमान में राजधानी देहरादून के इंद्रानगर (वसंत विहार) में रहने वाली निहारिका के पिता केवी ओएनजीसी में शिक्षक हैं जबकि उनकी मां रिंकी तोमर एक कुशल गृहिणि हैं। अपनी इस अभूतपूर्व उपलब्धि से काफी खुश निहारिका बताती है कि उन्होंने वैकल्पिक विषय पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन के लिए दिल्ली में‌ केवल तीन महीने की कोचिंग ली, इसके अतिरिक्त सिविल सेवा परीक्षा की सारी तैयारी उन्होंने घर पर रहकर ही की। बताते चलें कि निहारिका ने सातवीं कक्षा तक की शिक्षा गौतम इंटरनेशनल स्कूल से तथा इंटरमीडिएट तक की शिक्षा केवि ओएनजीसी से प्राप्त की। तत्पश्चात पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक किया। तीन बार यूपीएससी की परीक्षा में असफल होने के बावजूद निहारिका ने हार नहीं मानी यही कारण है कि अपने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत के बलबूते चौथे प्रयास में उन्हें 121वीं रैंक हासिल हुई है।

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