Tehri Garhwal UTTARAKHAND NEWS
Subodh Uniyal: नरेंद्रनगर चुनाव में दूसरे पोलिंग बूथ में प्रवेश को लेकर मंत्री सुबोध उनियाल घिरे
1 min read
(नरेंद्रनगर निकाय चुनाव में नया विवाद – Uttarakhand Nikay Chunav News Subodh Uniyal )
Uttarakhand Nikay Chunav News Subodh Uniyal: टिहरी जिले के नरेंद्रनगर नगर निकाय चुनाव के दौरान एक नया राजनीतिक विवाद सामने आ गया है। धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल पर निर्धारित मतदान केंद्र के अलावा दूसरे पोलिंग बूथ में प्रवेश करने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद चुनावी माहौल गरमा गया और विपक्षी दलों ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
यह भी पढ़े :Pauri Leopard attack: पौड़ी में गुलदार का आतंक, घास लेने गई महिला को बनाया निवाला…
(पूर्व विधायक ने लगाए गंभीर आरोप – Election Code Violation)
नरेंद्रनगर के पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान लागू नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है। उनका आरोप है कि धारा 163 लागू होने के बावजूद मंत्री सुबोध उनियाल दूसरे मतदान केंद्र के भीतर पहुंचे, जो निर्वाचन नियमों का उल्लंघन है। रावत का कहना है कि किसी भी विधायक या मंत्री को अपने निर्धारित पोलिंग बूथ के अलावा अन्य मतदान केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं होती। यदि किसी कारणवश उन्हें वहां जाना भी पड़े तो वे बिना किसी लाव-लश्कर के केवल मतदान केंद्र के बाहर तक ही जा सकते हैं।
(धर्मानंद उनियाल महाविद्यालय बूथ बना विवाद की वजह – Polling Booth Controversy)
विवाद उस समय शुरू हुआ जब सुबोध उनियाल कथित रूप से धर्मानंद उनियाल महाविद्यालय स्थित मतदान केंद्र के भीतर पहुंच गए। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मंत्री होने के बावजूद उन्होंने चुनावी मर्यादाओं का पालन नहीं किया और सरकारी प्रभाव का उपयोग करते हुए मतदान केंद्र तक पहुंच गए।
(यूकेडी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध – UKD Protest)
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्र के भीतर मंत्री के प्रवेश का विरोध किया। विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। घटनास्थल पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
(प्रमिला रावत और मंत्री के बीच बहस – Viral Political Video)
उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत ने मंत्री सुबोध उनियाल के मतदान केंद्र में प्रवेश पर खुलकर आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ समय तक मतदान केंद्र परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। बढ़ते विरोध को देखते हुए मंत्री अपने समर्थकों के साथ वहां से वापस लौट गए।
यह भी पढ़े :Kainchi Dham news today: कैंची धाम जाम के झाम से मिलेगी निजात रातीघाट से बनेगा वैकल्पिक मार्ग
(कांग्रेस ने भी साधा निशाना – Congress Attack On BJP)
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार और मंत्री सुबोध उनियाल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति संविधान और चुनावी नियमों से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान मंत्री द्वारा प्रोटोकॉल और निर्वाचन नियमों की अनदेखी करते हुए मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश करना एक गंभीर मामला है।
(महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोप – Political Controversy)
गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि जब स्थानीय लोगों और महिलाओं ने मंत्री के मतदान केंद्र में प्रवेश का विरोध किया तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि विरोध कर रही महिलाओं के साथ अनुचित भाषा का प्रयोग किया गया और उनके मोबाइल फोन तक छीनने का प्रयास किया गया। कांग्रेस का कहना है कि यदि सत्ता में बैठे लोग ही चुनावी नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता से कानून का सम्मान करने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
(निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग – State Election Commission)
पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत और कांग्रेस नेताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही आरोपों की सत्यता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
(सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला – Uttarakhand Political News)
नरेंद्रनगर निकाय चुनाव के दौरान हुआ यह विवाद अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की संभावित कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई हैं।
