UTTARAKHAND WEATHER उत्तराखंड मौसम
Uttarakhand weather today: उत्तराखण्ड बारिश बर्फबारी का अलर्ट कोहरा बढ़ाएगा परेशानी
1 min read
Uttarakhand weather today aaj ka mausam update rain snowfall fog alert: उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक सूखी ठंड की शीतलहर चल पड़ी है मैदानी क्षेत्रों में तो लोग पूरी तरह कोहरे की चपेट में आ चुके हैं।
Uttarakhand weather today aaj ka mausam update rain snowfall fog alert: उत्तराखंड मौसम विभाग द्वारा मंगलवार 6 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही पहाड़ों में पाला पड़ने से तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इसके साथ ही 6 जनवरी से 11 जनवरी तक मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर जनपद के साथ ही पौड़ी , देहरादून और चंपावत के मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम शुष्क बताया गया है। इस बीच कोहरे के प्रकोप से हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ सकती है। इन जिलों के कई इलाकों में सुबह और देर रात कोहरे के कारण दृश्यता कम रह सकती है. इसके चलते कुछ स्थानों पर शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रह सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। शीतलहर के बीच चौक-चौराहों पर ठंड से बचने के लिए पर्यटक और स्थानीय लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
पहली बार दिसंबर में नहीं हुई बारिश बर्फबारी, मायूस लौटे पर्यटक uttarakhand weather today
सर्दियों में बारिश और बर्फबारी के लिए पहचाना जाने वाला उत्तराखंड इस बार दिसंबर महीने में पूरी तरह सूखा रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक राज्य के किसी भी जिले में दिसंबर के दौरान बारिश या बर्फबारी दर्ज नहीं हुई। हिमपात न होने से पहाड़ी चोटियां काली नजर आईं और पर्यटन के लिए पहुंचे पर्यटक भी निराश लौटे।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरे राज्य में दिसंबर के दौरान बारिश या बर्फबारी बिल्कुल नहीं हुई। इससे पहले हर साल किसी न किसी हिस्से में शीतकालीन वर्षा या हिमपात दर्ज किया जाता रहा है।
देहरादून स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि दिसंबर में सूखे का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर रहना है। आमतौर पर चार से पांच पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में सर्दियों की बारिश और हिमपात लाते हैं, लेकिन इस बार विक्षोभ बनने के बावजूद उनका असर राज्य में कमजोर रहा और वे दक्षिण दिशा की ओर बढ़ गए।
सीएस तोमर के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहने का असर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी देखने को मिला। इन राज्यों में भी पिछले वर्षों की तुलना में कम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है।
यह भी पढ़ें- Agniveer marriage news: अग्निवीर भर्ती होने के बाद भी शादी बनी परेशानी, अविवाहित रहना अनिवार्य
उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।
👉👉TWITTER पर जुडिए।
