उत्तराखण्ड चमोली
Karnaprayag Nihang Case: कर्णप्रयाग में चारों निहंगों को जिला एवं सत्र न्यायालय से मिली जमानत
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Uttarakhand Nihang Case: कर्णप्रयाग मारपीट मामला: चारों निहंगों को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत, वार्ता के बाद बनी सहमति का दिखा असर
Uttarakhand Nihang Case: उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए मारपीट प्रकरण में जेल में बंद चारों निहंगों को बड़ी राहत मिली है। गोपेश्वर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को सभी आरोपियों की जमानत मंजूर कर दी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिंध्याचल सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। हालांकि आरोपियों को जमानत मिलने के बावजूद मुकदमे की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार चलती रहेगी।
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16 जून की घटना के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा(Karnaprayag Clash | Chamoli News | FIR Case)
16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निहंगों के खिलाफ जान से मारने के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े कई वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए, जिससे विवाद और चर्चा का दायरा बढ़ गया।
शांति बहाली के लिए हुई प्रशासन और प्रतिनिधियों की अहम बैठक(Peace Talks | Uttarakhand Administration | Sikh Representatives)
घटना के बाद उत्तराखंड में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई वार्ता में आपसी संवाद के जरिए विवाद का समाधान निकालने पर सहमति बनी। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की अपील की।
निहंग प्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने रखीं चार प्रमुख मांगें(Nihang Demands | Dialogue | Law and Order)
बैठक के दौरान निहंग प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें कर्णप्रयाग प्रकरण में दर्ज मुकदमा वापस लेने, निहंग समुदाय के प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात कराने सहित अन्य मांगें शामिल थीं। प्रशासन ने इन मांगों पर विचार करने के लिए दो दिन का समय मांगा और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जमानत मिलने तक पांवटा साहिब में ही रुके रहे प्रतिनिधि
(Paonta Sahib | Bail Update | Community Talks)
निहंग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया था कि जब तक गिरफ्तार चारों निहंगों को राहत नहीं मिल जाती, तब तक वे पांवटा साहिब में ही रुकेंगे। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालना है।
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‘दोनों पक्षों से हुई गलती, बातचीत से निकले समाधान’
(Mutual Understanding | Community Harmony | Uttarakhand News)
वार्ता के दौरान निहंग प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्णप्रयाग की घटना में दोनों पक्षों से कुछ न कुछ चूक हुई है। उनका मानना है कि ऐसे मामलों का समाधान अदालत की प्रक्रिया के साथ-साथ आपसी संवाद और समझदारी से भी निकाला जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देना है।
जमानत के बाद भी जारी रहेगी कानूनी प्रक्रिया
(District Court | Bail Granted | Court Proceedings)
गोपेश्वर जिला एवं सत्र न्यायालय से चारों आरोपियों को जमानत मिलने के बाद उन्हें फिलहाल राहत मिल गई है। हालांकि अदालत में मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी और जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार मामले में जो भी आवश्यक कदम होंगे, वे आगे भी उठाए जाएंगे।
