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Man eating leopard led by the famous Hunter lakhpat Singh Rawat in almora

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उत्तराखंड: मशहूर शिकारी लखपत सिंह रावत के नेतृत्व में गोली से ढेर हुआ आदमखोर तेंदुआ

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भिकियासैंण क्षेत्र में तेंदुए (Leopard) ने मचाया था आतंक, मशहूर शिकारी लखपत सिंह रावत (Lakhpat Singh Rawat) के नेतृत्व में आए शिकारी दल की गोली से हुआ ढेर..

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते जंगली जानवरों के आतंक के बीच आज अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र से एक अच्छी खबर आ रही है जहां आतंक का पर्याय बना आदमखोर तेंदुआ(Leopard)सोमवार की शाम शिकारियों की गोली से ढेर हो गया। मशहूर शिकारी लखपत सिंह रावत(Lakhpat Singh Rawat)के नेतृत्व में तैनात शिकारी दल ने तेंदुए को निशाना बनाया और वह वहीं ढेर हो गया। बताया गया है कि यह वही तेंदुआ है जिसने बीते 19 सितम्बर को घर के पास खेल रही सात वर्षीय मासूम बच्ची दिव्या को अपना निवाला बना लिया था, हालांकि वास्तव में इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने पर ही की जा सकेगी। तेंदुए के मारे जाने की खबर से जहां ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है वहीं वन विभाग के अधिकारियों की परेशानी भी कुछ हद तक कम हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ उसी स्थान पर मारा गया जहां से दिव्या का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ था। डीएफओ महातिम सिंह यादव ने बताया कि तेंदुए के शव को वन्यजीव चिकित्सालय भेज दिया।
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तेंदुए ने बीते 19 सितम्बर को बाडीकोट गांव में सात वर्षीय मासूम बच्ची को बनाया था अपना निवाला:-

गौरतलब है कि बीते 19 सितम्बर को राज्य के अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण ब्लाक के बाड़ीकोट गांव निवासी गिरीश सिंह की सात वर्षीय पुत्री दिव्या को एक आदमखोर तेंदुए ने उस समय अपना निवाला बना लिया था, जब वह रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ घर के पास ही खेल रही थी। काफी खोजबीन करने पर दिव्या का क्षत-विक्षत शव ग्रामीणों को घटनास्थल से 100 मीटर दूर बरामद हुआ था। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग के अधिकारियों ने न सिर्फ तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे पकड़ने के लिए गांव में पिंजरे लगाए थे बल्कि देहरादून से जहीर बख्शी समेत पांच शिकारियों को भी तैनात किया था। परंतु जब काफी दिनों तक शिकारियों को कोई सफलता नहीं मिली तो बीते दो अक्टूबर को मशहूर शूटर लखपत सिंह रावत ने मोर्चा संभाला। बीते सोमवार शाम को लखपत सिंह अपने शागिर्द राष्टीय निशानेबाज अली अदनान के साथ तेंदुए की तलाश में निकलें तभी अदनान को तेंदुआ नजर आया, अदनान ने बिना देर किए 300 से 350 गज की दूरी से उस पर लगातार दो गोलियां दागी, जो उसकी पीठ व कंधे को पार करते हुए निकली और वह झाड़ियों की ओर भागने लगा। मंगलवार सुबह उसका शव पास की ही झाड़ियों से बरामद हुआ।

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