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उत्तराखंड में एक हफ्ते पहले ही पहुंचा मानसून, 14 साल का तोड़ा रिकॉर्ड, मुसलाधार बारिश रहेगी चालू
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Uttarakhand Monsoon: मानसून ने उत्तराखण्ड में भी दी अपनी दस्तक, इस बार जमकर होगी मूसलाधार बारिश, समय से एक हफ्ते पहले ही उत्तराखण्ड पहुंचा मानसून..
उत्तराखण्ड में मौसम का कहर जारी है। अभी तक जहां राज्य में प्री मानसून की बारिश देखने को मिल रही थी वहीं अब मौसम विभाग ने बीते 13 जून को राज्य में मानसून के पहुंचने की घोषणा भी कर दी है। बता दें कि बीते 14 वर्षों में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब राज्य में मानसून (Uttarakhand Monsoon) निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले ही पहुंच गया हो। सबसे खास बात तो यह है कि केरल से उत्तराखंड तक पहुंचने में जहां आमतौर पर 18-20 दिन लगते हैं वहीं इस मानसून ने अपना यह सफर महज दस दिन में तय कर लिया है। इसका कारण बंगाल की खाड़ी में काफी कम दबाव का क्षेत्र बनना बताया गया है। राज्य में मानसून के प्रवेश के साथ ही बरसात में भी तेजी आ गई है। अभी तक इसका सर्वाधिक असर राज्य के कुमाऊं मंडल में देखने को मिला है जहां बीते रविवार से लगातार रूक-रूककर बारिश देखने को मिल रही है। मौसम विभाग द्वारा अभी फिलहाल आगामी 18 जून तक लगातार मानसूनी बारिश की संभावना जताई गई है।
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मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड में मानसून ने निर्धारित समय से करीब एक सप्ताह अपनी दस्तक दे दी है। इस संबंध में राज्य मौसम विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक के रोहित थपलियाल ने बताया कि उत्तराखंड में मानसून (Uttarakhand Monsoon) ठीक सात दिन पहले पहुंच गया है। बताया गया है कि पहले मानसून के 20 जून तक उत्तराखण्ड पहुंचने का अनुमान था, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनी स्थिति के कारण 13 जून को ही उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इस बार मानसून सामान्य रहने के आसार बताए गए हैं। बता दें कि पिछले साल मानसून में जहां 20 फीसद कम बारिश दर्ज की गई थी वहीं इस बार इसमें बढ़ोत्तरी की संभावना मौसम विभाग द्वारा जताई गई है। अर्थात इस बार मानसून में जमकर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। बात मानसून के दौरान बारिश की करें तो उत्तराखण्ड में आमतौर पर औसतन 1200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है तथा उत्तराखंड से मानसून की विदाई का समय सितंबर का अंतिम सप्ताह तक रहता है।
